Sutralok / Sat, Jan 17, 2026
कोपेनहेगन : ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच डेनमार्क ने आर्कटिक क्षेत्र में अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डेनमार्क के दो F-35 फाइटर जेट्स ने फ्रांस के मल्टीरोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (MRTT) एयरक्राफ्ट के साथ दक्षिण-पूर्वी ग्रीनलैंड के ऊपर संयुक्त प्रशिक्षण उड़ान भरी।

यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी दबाव और धमकियों के बीच डेनमार्क समेत कई यूरोपीय देशों के सैनिक ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास के लिए तैनात किए गए हैं। डेनिश सेना के मुताबिक, इस ट्रेनिंग मिशन का उद्देश्य आर्कटिक की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हवाई ईंधन भरने (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग), लंबी दूरी की उड़ानों और सुरक्षा से जुड़े संयुक्त अभियानों की तैयारी को मजबूत करना था।
डेनमार्क की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मिशन फाइटर विंग स्काइडस्ट्रप से शुरू होकर ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर कुलसुक (Kulusuk) क्षेत्र तक पहुंचा। वहीं, फ्रांसीसी MRTT टैंकर एयरक्राफ्ट दक्षिणी फ्रांस स्थित अपने बेस से उड़ान भरकर ग्रीनलैंड पहुंचा और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वापस लौट गया। इस दौरान विमान ने उत्तरी अटलांटिक क्षेत्र में फरो आइलैंड्स के ऊपर से भी उड़ान भरी।
डेनमार्क का यह सैन्य अभ्यास ऐसे वक्त में सामने आया है जब अमेरिका ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। ट्रंप ने इसे अमेरिका के प्रस्तावित “गोल्डन डोम डिफेंस सिस्टम” का अहम हिस्सा बताया है।
व्हाइट हाउस ने यह संकेत भी दिया है कि जरूरत पड़ने पर ग्रीनलैंड के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल से इनकार नहीं किया जाएगा।

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप ने हाल ही में अपनी धमकी और आगे बढ़ा दी है। उन्होंने उन देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है जो ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण का समर्थन नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा,
“अगर देश ग्रीनलैंड के मुद्दे पर हमारा साथ नहीं देते हैं, तो मैं उन पर टैरिफ लगा सकता हूं। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है।

यह पहली बार है जब ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर असहमति जताने वाले देशों के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों की खुली धमकी दी है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है।
डेनमार्क ने स्पष्ट किया है कि वह ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर NATO की बड़ी और ज्यादा स्थायी सैन्य मौजूदगी स्थापित करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में आर्कटिक क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
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