Sutralok / Tue, Jan 20, 2026
भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी और ओलिंपिक मेडलिस्ट साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लेने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। साइना ने बताया कि घुटनों की पुरानी और गंभीर बीमारी के चलते अब उनके लिए प्रतिस्पर्धी स्तर पर खेलना संभव नहीं रह गया है।
साइना आखिरी बार 2023 में सिंगापुर ओपन में खेलती नजर आई थीं। हालांकि, उस समय उन्होंने संन्यास की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने अपने करियर को लेकर खुलकर बात की।

पॉडकास्ट में साइना ने कहा,
“मैंने लगभग दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मैंने अपने सिद्धांतों पर खेल शुरू किया और अपने सिद्धांतों पर ही छोड़ा, इसलिए मुझे औपचारिक घोषणा जरूरी नहीं लगी।”
साइना के मुताबिक उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है।
उन्होंने बताया,
“जब आप खेल ही नहीं पा रहे, तो वहीं रुक जाना चाहिए। पहले मैं दिन में 8-9 घंटे ट्रेनिंग कर लेती थी, लेकिन बाद में 1-2 घंटे में ही घुटनों में सूजन आ जाती थी। ऐसे में आगे बढ़ना बहुत मुश्किल हो गया था।”
साइना का करियर रियो ओलिंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की चोट से बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए—
2017 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज
2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल
जीतकर अपने जज्बे का परिचय दिया।

हालांकि, घुटनों की समस्या बार-बार उभरती रही। 2024 में साइना ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्हें आर्थराइटिस है, जिससे शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग असंभव हो गया है।
साइना नेहवाल ने लंदन ओलिंपिक 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वे ओलिंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व तीन ओलिंपिक गेम्स में किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 और 2018 – गोल्ड मेडल
BWF वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप 2008 – गोल्ड
BWF सुपर सीरीज 2009 – जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी
2008 बीजिंग ओलिंपिक में साइना क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

साइना नेहवाल को उनके योगदान के लिए—
2009 में अर्जुन अवॉर्ड
2010 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार
से सम्मानित किया गया।
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