Sutralok / Tue, Mar 24, 2026
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षकों और अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने यूपी टीईटी 2026 के नोटिफिकेशन में अहम बदलाव करते हुए पात्रता नियमों में ढील दे दी है। इस फैसले से करीब 50 हजार शिक्षकों को सीधे फायदा मिलेगा, जो अब तक न्यूनतम योग्यता के अभाव में परीक्षा नहीं दे पा रहे थे।

चार साल बाद हो रही है परीक्षा
आयोग ने 20 मार्च को टीईटी 2026 का कार्यक्रम जारी किया था। यह परीक्षा प्रदेश में करीब चार साल बाद आयोजित हो रही है।
इस बार परीक्षा में 15 से 20 लाख उम्मीदवारों के शामिल होने का अनुमान है।
2027 तक पास करना जरूरी
प्रदेश के करीब 1.86 लाख शिक्षक अभी तक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं। ऐसे में उनके सामने बड़ा संकट है—अगर उन्होंने सितंबर 2027 तक टीईटी पास नहीं किया, तो उनकी नौकरी खतरे में पड़ सकती है।

क्या हैं 3 बड़े बदलाव?
1️⃣ सभी शिक्षकों को मिला मौका
सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले के बाद अब सभी सहायक अध्यापक टीईटी परीक्षा में बैठ सकेंगे।
पहले केवल ग्रेजुएशन और बीटीसी पास अभ्यर्थी ही पात्र थे, लेकिन अब:
1998 से पहले इंटर + BTC वाले शिक्षक
मृतक आश्रित में नियुक्त शिक्षक
B.P.Ed के जरिए भर्ती शिक्षक सभी को परीक्षा देने की अनुमति मिल गई है।
2️⃣ पढ़ाई कर रहे छात्र भी कर सकेंगे आवेदन
अब बीएड या टीचर्स ट्रेनिंग कोर्स (TTC) कर रहे छात्र भी आवेदन कर सकेंगे। पहले केवल अंतिम वर्ष के छात्रों को ही अनुमति थी, लेकिन अब कोई भी अध्ययनरत छात्र फॉर्म भर सकता है।
3️⃣ B.Ed वालों के लिए बड़ा बदलाव
अब B.Ed अभ्यर्थियों को लेकर नियम सख्त किए गए हैं:
❌ प्राथमिक स्तर (कक्षा 1-5) के लिए पात्र नहीं
✅ केवल उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6-8) के लिए परीक्षा दे सकेंगे
👉 पहले उन्हें शर्तों के साथ प्राथमिक स्तर में भी अनुमति दी गई थी, जिसे अब हटा दिया गया है।

लाखों अभ्यर्थियों को फायदा
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवशंकर सिंह के अनुसार:
👉 इन बदलावों से 50 हजार शिक्षक और करीब 3 से 4 लाख अभ्यर्थी को बड़ी राहत मिली है।
निष्कर्ष
UP TET 2026 के नियमों में किए गए ये बदलाव प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा असर डालेंगे। जहां एक तरफ हजारों शिक्षकों को राहत मिली है, वहीं लाखों नए अभ्यर्थियों के लिए भी रास्ता खुल गया है।
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