Sutralok / Sun, Apr 19, 2026
लखनऊ में रविवार को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भाजपा और सहयोगी दलों के साथ एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने संसद में महिला आरक्षण बिल को लेकर सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में संसद में महिला सांसदों की संख्या सिर्फ 78 है, जबकि प्रधानमंत्री Narendra Modi इसे बढ़ाना चाहते थे। लेकिन उनके अनुसार कांग्रेस और सपा इस दिशा में बाधा बने।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस ने महिलाओं को उनका अधिकार देने के बजाय राजनीति की, और महिला आरक्षण बिल का विरोध किया। योगी ने यहां तक कहा कि संसद में विपक्ष का व्यवहार “द्रौपदी के चीरहरण” जैसा था, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि साल 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को मंजूरी मिली थी और 2029 से इसे लागू करने के लिए संशोधन बिल लाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोकसभा और विधानसभा में सीटें बढ़ाकर महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देना है।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि यूपी की नारी शक्ति में सपा और कांग्रेस के खिलाफ गहरा आक्रोश है और आने वाले समय में इसका असर चुनावों में दिखेगा। उन्होंने विपक्ष से आधी आबादी से माफी मांगने की भी बात कही।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री Annapurna Devi ने भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को गिराकर विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को ठेस पहुंचाई है।
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त किया गया है, और अब उन्हें राजनीतिक अधिकार देने की दिशा में कदम उठाया गया था। लेकिन विपक्ष की “महिला विरोधी मानसिकता” के कारण यह संभव नहीं हो सका।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा ने तुष्टिकरण की राजनीति के तहत धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग की, जो संविधान के खिलाफ है।
अंत में उन्होंने कहा कि महिला शक्ति आने वाले समय में विपक्षी दलों को इसका जवाब देगी।
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